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Showing posts from September, 2023

समाधि क्या है ? | समाधि कैसे मिलती है ? | समाधि में क्या दिखता है?

                                            मैं हूँ शब्दवाणी और आपके लिए  लेकर  आई हु एक रोचक  जानकारी समाधि  के बारे में  समाधि क्या है ?  समाधि कैसे मिलती है ?  समाधि में क्या दिखता है ? समाधि लेने से क्या होता है ?  समाधि तक पहुंचने का मार्ग क्या है ? समाधि लेने के बाद क्या होता है ?      ............................................................       समाधि क्या है ?   ध्यान  की उच्च अवस्था को  समाधि  कहते हैं।  हिन्दू, जैन, बौद्ध तथा योगी आदि सभी  धर्मों में इसका महत्व बताया गया है। जब साधक ध्येय वस्तु के ध्यान मे पूरी  तरह से डूब जाता है  और  उसे अपने अस्तित्व का ज्ञान नहीं रहता है  तो  उसे  समाधि  कहा जाता है। ........................................... समाधि कैसे मिलती है ? समाधि योग का सबसे अंतिम पड़ाव है।  यह तभी प्राप्...

कुछ तो लोग कहेंगे Kuch To Log Kahenge Hindi Motivational Story

    motivational story कुछ तो लोग कहेंगे कब तक उनके बारे में सोचोगे। नमस्कार दोस्तों आप सभी का स्वागत है । मैं हूँ शब्दवाणी और आपके लिए लेकर आई हु।  एक घोड़े  के साथ जा रहे   पिता पुत्र  की है    के सारसहित एक घटना पर आधारित कहानी  अगर  कहानी अच्छी लगे तो दोस्तों और  अपने चहेतों को शेयर करें। आज में आपको जो  motivational story   बताने जा र ही  हूँ , इसे सुनकर  आपको बहुत कुछ सीखने को मिलेगा । ये  motivational story   एक घोड़े  के साथ जा रहे   पिता पुत्र  की है , हो सकता है आपने पहले सुनी हो। अच्छी कहानियों को जितना ज्यादा  सुनकर  उतना ही  फायदा हमको मिलता है, तो चलिए आपका ज्यादा समय ना लेते हुए  कहानी को शुरू करते है । एक पिता अपने बेटे के साथ घोड़े की सहायता से  जा रहे थे, उसने बेटे को घोड़े पर बैठाया हुआ था और  खुद पैदल चल रहे थे । यह देखकर लोगो ने कहा कैसा  पागल इंसान  है,  जब घोड़ा साथ मे है तो खुद पैदल चल रहा है । उसने सोचा  बात तो ठीक...

भेड़ो में शेर का बच्चा

   .................................................................................. मैं हूँ शब्दवाणी और आपके लिए लेकर आई हु।  इन्दियां रूपी भेड़े और मन रूपी गड़रिया के संग  के सारसहित एक घटना पर आधारित कहानी अगर  कहानी अच्छी लगे तो दोस्तों और अपने चहेतों को शेयर करें।    ...       भेड़ो में शेर का बच्चा  एक बार एक शेरनी ने बच्चे को जन्म दिया।  बच्चे को जन्म देकर शेरनी कंही चली गई और बच्चा  माँ से बिछुड़ गया। एक गड़रिया रोजाना जंगल में  भेड़ चराने जाता था, उसने जब असहाय शेर के  बच्चे को उठा लिया और भेड़ो का दूध  पिला-पिला कर उसे पल लिया। भेड़ो के साथ  रहते-रहते उस शेर की आदत भेड़ जैसी हो गई।  भेड़ो की तरह वह भी घास खाता और उन्ही की  तरह उसमे भी डरपोक पना आ गया । धीरे धीरे शेर  का बच्चा बड़ा हो गया । इत्तफाक से एक शेर की नजर जब उस रेवड़ पर  पड़ी तो उसने देखा की एक शेर का बच्चा भेड़ो के  साथ घूम रहा है। उस शेर को आश्चर्य हुआ  की शेर उसके पास गया तो डर के मारे वह भागने  लगा। शेर ने उस...

चिड़िया का ज्ञान | Gyani Chidiya ki Kahani Hindi

                चिड़िया का ज्ञान नमस्कार दोस्तों आप सभी का स्वागत है          आज मै आपको एक ऐसी    कहानी  बताउंगी     जो एक समझदार चिड़िया   की है chaliye, Chidiya ki Kahani  shuru krte hai 4 बाते ज्ञान की दोस्तों एक राजा था और राजा के पास  एक सुन्दर सा  आलिशान महल  था  और उस महल के अंदर एक सुन्दर सा   बगीचा  था  उस बगीचे के भीतर एक  खूबसूरत सा  अंगूर  का पेड़ था एक  चिड़िया  वहाँ  आती थी और  रोज अंगूर खा जाती  थी लेकिन दिक्क्त यह थी की चिड़िया  मीठे मीठे   अंगूर तो  खा जाती थी और  खट्टे खट्टे   अंगूर निचे  गिरा देती थी यह  सिलिसिला   काफी  दिनों तक चलता रहा लेकिन इस दृश्य को बगीचे का   माली  रोजाना देखता था  उसने उस  चिड़िया  को सबक सीखने के काफी  प्रयास  भी किये  लेकिन वह हर प्रयास में  विफल  रहा क्योंकि चिड़िया बहु...

दिल को छू लेने वाली कहानी

दिल को छू लेने वाली कहानी नमस्कार दोस्तों आप सभी का स्वागत है एक बार की बात है। एक बार एक अध्यापक एक संपन्न परिवार के शिष्य के साथ कहीं जा रहे थे। तो उस शिष्य को कुछ मजाक सूझी क्योंकि उसको रास्ते में किसी गरीब मजदूर के जूते दिखाई दिए। उसने अध्यापक से कहा गुरु जी अगर हम इन जूतों को छुपा दे तो कितना मजा आएगा? देखते हैं कि मजदूर पर इसका क्या असर पड़ता है? अब उसको तो मजाक सूझ रहा था। लेकिन गुरु जी ने कहा। कि नहीं? गरीब इंसान के साथ इस तरह का भद्दा मजाक करना ठीक नहीं है उसने कहा क्यों ना? हम इन जूतों में कुछ सिक्के डाल दें और देखें कि इसका इस गरीब गरीब मजदूर पर क्या प्रभाव पड़ता है? उन्होंने ऐसा ही किया। जैसे ही मजदूर अपना काम करके लौटा। और उसने एक पाँव अपने जूते में डाला। तो उसको कुछ कठोर सा महसूस हुआ उसने अंदर हाथ डाला तो उसको कुछ सिक्के दिखाई दिए वह थोड़ा आश्चर्य में पड़ गया आसपास किसी को देखा तो कोई भी दिखाई नहीं दिया। वापस उसने दूसरा पैर अपने जूते में डाला और वापस उसको उसमें कुछ सिक्के दिखाई दिए। अब दोनों जूतों के सिक्कों को उसने अपने हाथों में रखा। और? प्रभु की तरफ इशारा किया हे प्रभु...

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