समाधि क्या है ? | समाधि कैसे मिलती है ? | समाधि में क्या दिखता है?
मैं हूँ शब्दवाणी और आपके लिए
लेकर आई हु एक रोचक
जानकारी समाधि के बारे में
समाधि क्या है ?
समाधि कैसे मिलती है ?
समाधि में क्या दिखता है ?
समाधि लेने से क्या होता है ?
समाधि तक पहुंचने का मार्ग क्या है ?
समाधि लेने के बाद क्या होता है ?
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समाधि क्या है ?
ध्यान की उच्च अवस्था को समाधि कहते हैं।
हिन्दू, जैन, बौद्ध तथा योगी आदि सभी
धर्मों में इसका महत्व बताया गया है।
जब साधक ध्येय वस्तु के ध्यान मे पूरी
तरह से डूब जाता है और
उसे अपने अस्तित्व का ज्ञान नहीं रहता है
तो उसे समाधि कहा जाता है।
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समाधि कैसे मिलती है ?
समाधि योग का सबसे अंतिम पड़ाव है।
यह तभी प्राप्त हो सकता है जब व्यक्ति
सभी योग साधनाओं को करने के बाद
मन को बाहरी वस्तुओं से हटाकर निरंतर
ध्यान करते हुए उसी में लीन होने लगता है।
पूर्ण रूप से सांस पर नियंत्रण और मन
स्थिर व सन्तुलित हो जाता है,
तब समाधि की स्थिति कहलाती है।
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समाधि में क्या दिखता है?
समाधि की अवस्था में सभी इन्द्रियां मन में
लीन हो जाती है। व्यक्ति समाधि में लीन
हो जाता है, तब उसे रस, गंध, रूप,
शब्द इन 5 विषयों का ज्ञान नहीं रह जाता है।
उसे अपना-पराया, मान-अपमान
आदि की कोई चिंता नहीं रह जाती है।
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समाधि लेने से क्या होता है ?
ऐसा इंसान जीवित रहते हुए भी अमर हो
जाता है और जन्मों के फेर से पूरी तरह
मुक्त होकर मोक्ष की प्राप्ति कर लेता है। हर
धर्म में समाधि को अलग-अलग नामों से
जाना गया है। बौद्ध धर्म में इसे निर्वाण और
योग में समाधि की अवस्था बताया गया है ।
तो वहीं जैन धर्म में इसे कैवल्य ज्ञान के
रूप में देखा जाता है ।
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समाधि तक पहुंचने का मार्ग क्या है ?
वैसे ही साधक को समाधि तक पहुंचने के
लिए योग के आठ अंगों रूपी सीढ़ियां यम,
नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार,
धारणा, ध्यान समाधि के रूप में एक-एक
सीढ़ी चढ़नी पड़ती है। उन्होंने कहा कि
परमात्मा को प्राप्त करने के लिए कपड़े
रंगने, जटा बढ़ाने, जंगलों में जाने,
मौन धारण करने और ना ही वैराग्य
धारण करने की जरूरत है।
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समाधि लेने के बाद क्या होता है ?
जब साधक ध्येय वस्तु के ध्यान मे पूरी तरह से
डूब जाता है और उसे अपने अस्तित्व का ज्ञान
नहीं रहता है तो उसे समाधि कहा जाता है।
समाधि के बादप्रज्ञा का उदय होता है और
यही योग का अंतिम लक्ष्य है।
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